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70 साल बाद देश में दिखेगा चीता : एमपी के कूनो पालपुर को क्यों चुना गया, पढ़िए पूरी कहानी

KUNO ki Kahani : 2009 में चीता लाने की जो कोशिश शुरू हुई वो अब 2022 में पूरी होने जा रही है. दक्षिण अफ्रीका के नामीबिया से कुल 13 चीते कूनो लाए जाने का रास्ता साफ हुआ है. कूनो अभयारण्य के 750 वर्ग किलोमीटर को करीब दो दर्जन चीतों के रहने के लिए उपयुक्त पाया गया है. इसके साथ ही श्योपुर और शिवपुरी जिले का करीब 3 हज़ार किलोमीटर एरिया चीतों के रहने के लिए उपयुक्त है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 17 सितंबर को तीन चीतों के बाड़ों में छोड़ेंगे. इनमें एक बाड़े में एक मादा चीता और एक बाड़े में दो नर चीते छोड़े जाएंगें.

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