नमाज पढ़नी है तो मस्जिद है, वहां जाओ…एयरपोर्ट पर अलग कमरे की मांग से HC हुआ नाराज, जानें क्या-कुछ कहा?
चीफ जस्टिस संदीप मेहता और जस्टिस सुष्मिता खौंद की बेंच ने इसपर पूछा कि अगर ऐसा नहीं हुआ तो क्या ये मूल अधिकारों का हनन होगा? क्या यह किसी नागरिक का अधिकार है, जो वो अलग से कमरे की मांग कर रहे हैं? बेंच ने इस याचिका को खारिज करते हुए अपनी नाराजगी जाहिर की. from Latest News देश News18 हिंदी https://ift.tt/a9wSKt5 via