Skip to main content

अशोक वाजपेयी की आलोचना: देश, काल और व्‍याप्‍ति

हिंदी कविता के गए छह दशकों के लोकप्रिय कवि अशोक वाजपेयी अपनी बेबाकी और मुखरता के लिए जाने जाते हैं. लगभग डेढ़ दर्जन कविता संग्रहों के कवि अशोक वाजपेयी की रचनावली पिछले साल प्रकाशित हुई है जिसके दो खंड उनके आलोचनात्‍मक अवदान पर केंद्रित हैं. हिंदी के सुधी कवि समालोचक डॉ ओम निश्‍चल ने अशोक वाजपेयी की आलोचना पर विचार करते हुए यह पाया है कि उसमें देश,काल और परिस्‍थितियों की पूरी व्‍याप्‍ति है. पढ़िए उनके 84वें जन्‍मदिन पर यह वैचारिक आलेख-

from News in Hindi, Latest News, News https://ift.tt/9Y1jpfC
via

Comments

Popular posts from this blog

Engineers Day 2018: भारत रत्न विश्वेश्वरैया को गूगल ने कुछ यूं किया याद

भारत के इस डैम बिल्डर का जन्म 15 सितंबर 1861 को कर्नाटक के चिकबालापुर के पास मुद्देनाहाली में हुआ था. आगे चलकर वह भारत के महानतम सिविल इंजीनियर बनकर उभरे. from Latest News देश News18 हिंदी https://ift.tt/2Qx58ek via

ANALYSIS: नए CJI रंजन गोगोई के सामने क्या-क्या होंगी चुनौतियां?

देश की जेलों में लाखों विचाराधीन कैदियों की रिहाई का मामला जस्टिस गोगोई के लिए एक बड़ी चुनौती है. from Latest News देश News18 हिंदी https://ift.tt/2zNPl4J via

#HumanStory: 'बुलेट पर जा रहे थे कि तभी शेर ने लंबी छलांग लगाई और...'

बीमार तेंदुआ कुछ ऐसी मासूमियत से देख रहा था, मानो तेंदुआ न हो, खरगोश हो. मैं यकीन करके पास पहुंच गया. देखने लगा कि उसे हुआ क्या है. बस, तभी भोली आंखों वाले तेंदुए ने मुझपर छलांग लगा दी... from Latest News देश News18 हिंदी http://bit.ly/2Wtkw27 via